State Bank Closed News
State Bank Closed News : स्टेट बैंक बंद लेन-देन रद्द 1 जनवरी 2026 से लगेगा। ₹10000 जुर्माना// हर बैंक खाता धारक को जानना जरूरी!
जानकारी के संदर्भ में, 1 जनवरी 2026 से OSBI (ओवरड्राफ्ट सेविंग बैंकिंग इंडेक्स) पर जुर्माना लगाने का कोई आधिकारिक नियम या सूचना अभी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इसी तारीख से DBS बैंक इंडिया ने अपने सेविंग अकाउंट्स में नए नियम लागू किए हैं,
और आप सभी को बता दें कि अक्टूबर महीने में 13 दिन की छुट्टी बैंक में रहेगी। क्योंकि महीने में त्यौहार के कारण इतनी छुट्टी हो रहे हैं और रविवार और शनिवार को भी बैंक बंद रहते हैं। छुट्टी लिस्ट देखने के लिए नीचे तक जरूर पढ़ें। दीपावली में चार दिन छुट्टी वहीं छठ पूजा में छुट्टी दिया गया है और छुट्टी रविवार और शनिवार होने की कारण दिया गया।
अकाउंट पर इतना पैसा जरूर रखें।
आप सभी को बता दें कि लम सम ₹500 तक सीमित होगा अगर आप लोग नहीं रखते हैं तो ₹10000 का जुर्माना लगेगा। यह नियम ग्राहकों को बैंकिंग संचालन को संतुलित बनाए रखने और न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। अगर आप लोग खाते खुलवाए हैं और उसमें पैसे नहीं रखते हैं। जुर्माना भरना पड़ेगा नहीं तो बैंक बंद।
10000 लगेगा जुर्माना देखें।
कुछ अन्य खबरों में यह बताया गया है कि अक्टूबर 2025 से कुछ बैंकिंग नियमों में बदलाव होंगे, जिसमें खातों के खाली रहने पर जुर्माना लगाने जैसे प्रावधान हो सकते हैं, लेकिन Bank of India विशेष रूप से OSBI पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाने की जानकारी वर्तमान में कहीं दिखाई नहीं देती। इसके स्थान पर DBS बैंक ने इस तरह का नियम घोषित किया है। साथ ही, कुछ अटकलें और अफवाहें यूट्यूब वीडियो में देखी गई हैं।
जिनमें कई बैंकों के बंद होने और जुर्माने के बारे में बताया गया है, लेकिन उनका कोई आधिकारिक स्रोत उपलब्ध नहीं है और ये जानकारी सत्यापित नहीं है।इसलिए, यदि Bank of India के OSBI से जुड़े जुर्माने की बात करें तो वर्तमान में कोई आधिकारिक सूचना उपलब्ध नहीं है।
पुरी अपडेट यहां से जाने।
DBS बैंक 2 अक्टूबर 2025 से सेविंग अकाउंट में 10,000 रुपये का न्यूनतम मासिक औसत बैलेंस बनाए न रखने पर 6% जुर्माना लगाएगा, अधिकतम 500 रुपये तक.
Bank of India द्वारा OSBI पर 10,000 रुपये जुर्माने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
बैंकिंग नियमों में बदलाव की अफवाहें हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि और सार्वभौमिक नियम के लिए बैंक.की घोषणा आवश्यक है। इसलिए अफवाह में ना पड़े अपने बैंक में जाकर पूरी जानकारी पता करें।